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February, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

छत्‍तीसगढ़ की प्रसिध्‍द गुफाएं

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प्रकृति की गोद में बसा छत्‍तीसगढ़ अपने प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। छत्‍तीसगढ़ में कई ऐतिहासिक तथा पुरात्विक महत्‍व के गुफाएं हैं। यहां भारत की सबसे गहरी गुफा कुटुमसर है, जिसकी तुलना अमेरिका स्थित गुफा 'कार्ल्‍सवार आफ केव' से की जाती है। यहां कबरा पहाड़ गुफा तथा सिंघनपुर गुफा भी है, जहां पाषाण कालीन मानव इतिहास के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा रामगढ़ गुफा भी जिसे विश्‍व की प्राचीनतम नाट्यशाला होने का गौरव प्राप्‍त है। अजंता गुफाओं के समकालीन

छत्‍तीसगढ़ पर्यटन स्‍थल (Chhattisgarh Tourism Spot)

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छत्‍तीसगढ़ प्रकृति की गोद में बसा हुआ है इस कारण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता से भरा पड़ा है। यह राज्‍य देश का हृदय स्‍थल होने के कारण यह अनेक ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक दर्शनीय स्‍थलों से परिपूर्ण है। यहां अनेक धर्म सम्‍प्रदायों की उत्‍पत्ति हुई है एवं उनकी प्रचार स्‍थली है। पर्यटन की दृष्टिकोण से छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के छोटे-बड़े लगभग 105 स्‍थान, पर्यटन स्‍थल के रूप में चिन्‍हांकित किए गए हैं। छत्‍तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के उददेश्‍य से 2002 में छत्‍तीसगढ़ पर्यटन मंडल (Chhattisgarh Tourism Board) का गठन किया गया है। छत्‍तीसगढ़ पर्यटन मंडल का उद्देश्‍य है कि राज्‍य को एक अंतर्राष्‍ट्रीयस्‍तर के पर्यटन राज्‍य के रूप में विकसित करना तथा राज्‍य की सांस्‍कृतिक धरोवर को संरक्षितव समृद्धि करना। पर्यटन स्‍थलों का संक्षिप्‍त विवरणनिम्‍नानुसार है :-

इतिहास के पन्‍नों में छत्‍तीसगढ़

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प्राचीन काल में छत्‍तीसगढ़ नाम से छत्‍तीसगढ़ का उल्‍लेख नहीं मिलता। रामायण, महाभारत और पुराणों में छत्‍तीसगढ़ की जानकारी अधिक विस्‍तार से प्राप्‍त होती है। प्राचीन काल में छत्‍तीसगढ़ दक्षिण कोसल का एक हिस्‍सा था। दक्षिण कोसल के अंतर्गत छत्‍तीसगढ़ के मैंदानी भाग तथा उड़ीसा राज्‍य के कुछ हिस्‍से शामिल थे। इस क्षेत्र का उल्‍लेख रामायण तथा महाभारत में भी मिलता है। प्राचीन ग्रंथों में छत्‍तीसगढ़ को महाकान्‍तार तथा दण्‍डकारण्‍य प्रदेश कहा गया है, जो आज का बस्‍तर क्षेत्र है। छठवीं तथा बारहवीं शताब्‍दी के मध्‍य शरभरीय, पाण्‍डुवंशीय और सोमवंशी शासकों ने इस क्षेत्र पर शासन किया। तत्पश्‍चात् यह क्षेत्र कल्‍चुरियों, मराठों के अधीन रहा। रामायण काल में छत्‍तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास के अनेक उदाहरण मिलते हैं। कौशितिक उपनिषद में विंध्‍य पर्वत का उल्‍लेख मिलता है। वैदिक साहित्‍य में नर्मदा नदी का उल्‍लेख रेवा के रूप में मिलता है। महाकव्‍य रामायण के अनुसार दक्षिण कोसल नरेश राजा भानुमन्‍त की पुत्री कौशिल्‍या का विवाह उत्‍तर कोसल के नरेश दशरथ से हुआ था। भगवान श्रीराम ने वनवास की लंबी अवधि के दौरान अधिकांश…

फोटोशॉप में अपने फोटो की साईज बदलें Resize your photo in Photoshop

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खोजे गए Tools और Tricks जो आपके फोटो के साईज (size) एवं क्‍वालिटी (Quality) को नियंत्रित (Control) करने में सक्षम है।Search the tools and tricks that enable you to control the size of your Photograph. जब हम किसी फोटो का साईज बदल रहें हैं, तो हमें यह समझना होगा कि फोटो का निर्माण किस प्रकार होता है ? जब हम किसी फोटो को बहुत ज्‍यादा बड़ा (zoom) करके देखते हैं तो फोटो छोटे-छोटे वर्गाकार पिक्‍सल्‍स  में दिखाई देता है, जिससे वह बना होता है। फोटोशॉप इन पिक्‍सल्‍स का नियंत्रण ppi (pixel-per-inch) के द्वारा करता है। यहां पर ppi (pixel-per-inch) से तात्‍पर्य यह है कि प्रत्‍येक इंच में कुल कितने पिक्‍सल्‍स रहेंगें। फोटो की क्‍वालिटी का सीधा-सा नियम है कि ज्‍यादा पिक्‍सल्‍स मतलबज्‍यादा क्‍वालिटी (more pixels are more detail). फोटो में पिक्‍सल्‍स की संख्‍या फोटो की रेजोलूशन (resolution) होती है। सामान्‍यत: लोग 300 ppi को ही फोटो की प्रिंटिंग के लिए पर्याप्‍त रेजोलूशन (resolution) मानते हैं। कई लोग इससे ज्‍यादा रेजालूशन (resolution) भी रखते हैं। फोटोशॉप में फोटो की साईज बदलनाफोटोशॉप में फोटो की सा…

Learn Photoshop in Hindi (फोटोशॉप सीखें हिंदी में)

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फोटोशाॅप में पहला कदम (First Step in Adobe Photoshop)पहली बार में फोटोशाॅप?फोटोशाॅप में महारत हासिल करने के लिए मूल बातों के साथ हमारे आवश्‍यक गाईड।
जब हम पहली बार फोटोशाॅप खोलते हैं तो हमारे स्‍क्रीन के सामने हमें बहुत सारे मेनु, आईकॉन एवं पैलेट नजर आ जाता है, जिसे देखकर हमें लगता है कि फोटोशाॅप बहुत ही बड़ा और बहुत कठिन साफटवेअर है। हम पहले भी पिछले पोस्‍ट में फोटोशाॅप की खूबियों को बता चूकें हैं। फोटोशाॅप के बहुत सारे संस्‍करण हैं। अभी वर्तमान में जों संस्‍करण चल रहें हैं उनमें से हैं :- फोटोशाॅप सीएस (Photoshop CS), फोटोशाॅप सीसी (Photoshop CC) और फोटोशाॅप एलीमेंट (Photoshop Elements). फोटोशाॅप सीएस (Photoshop CS) और फोटोशाॅप सीसी (Photoshop CC) को मुख्‍य तौर पर प्रोफेनलों (professionals) के लिए बनाया गया है, जबकि फोटोशाॅप एलीमेंट (Photoshop Elements) नवसिखायों (Beginners) के लिए

विभिन्‍न सम्‍प्रदाय के प्रवर्तक एवं उनकी जन्‍म स्‍थली

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छत्‍तीसगढ़ विभिन्‍न सम्‍प्रदाय के प्रवर्तकों की जन्‍म स्‍थली है। यहां वैष्‍णव सम्‍प्रदाय के प्रवर्तक वल्‍लभाचार्य का जन्‍म स्‍थान चम्‍पारण है तथा सतनाम समाज के संस्‍थापक बाबा गुरू घासीदास जी की जन्‍म स्‍थली एवं तपोभूमि गिरौदपुरी है। यहीं पर कबीर पंथियों का तीर्थ स्‍थल दामाखेड़ा है। ये सभी स्‍थान इन सम्‍प्रदाय के लोगों के लिए तीर्थ स्‍थल की तरह है। आइए इन सभी स्‍थानों के बारे में जानें।
चम्‍पारण ( वल्‍लभाचार्य की जन्‍म स्‍थली ) चम्‍पारण गरियाबंद जिले में स्थित है। यह राजिम से 14 किलोमीटर की दूरी पर तथा रायपुर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चम्‍पारण वैष्‍णव सम्‍प्रदाय के संस्‍थापक महाप्रभु वल्‍लभाचार्य की जन्‍म स्थिली है। चम्‍पारण का नाम चम्‍पकेश्‍वर महादेव के नाम पर पड़ा। यहां वनों के बीच में चम्‍पकेश्‍वर महादेव की बहुत ही प्राचीन मंदिर है। चम्‍पारण में पुष्टि मार्ग के अनुयायियों का धर्मस्‍थली है। यह स्‍थान शैव तीर्थ एवं वैष्‍णव तीर्थ दोनों के रूप में प्रसिध्‍द है। इस मंदिर के शिवलिंग में उपर की ओर दो रेखाएं उत्‍कीर्ण है, जो इस शिवलिंग को तीन भाग में विभाजित करता है। उपर के भाग मे…